रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। मेरठ में हुए बहुचर्चित सोनू हत्याकांड को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक के नेतृत्व में सपा का प्रतिनिधि मंडल पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मुज़फ्फरनगर से रवाना हुआ। इस दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस ने बीच रास्ते में सपा प्रतिनिधि मंडल को रोकने का प्रयास किया। हालांकि सांसद हरेंद्र मलिक की दृढ़ता और जनदबाव के आगे पुलिस की कोशिश नाकाम साबित हुई और प्रतिनिधि मंडल पीड़ित परिवार के आवास तक पहुँचने में सफल रहा।

बताया जा रहा है कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रतिनिधि मंडल को आगे बढ़ने से रोकना चाहा, लेकिन सांसद हरेंद्र मलिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीड़ित परिवार से मिलना उनका लोकतांत्रिक और नैतिक अधिकार है।
इसके बाद कुछ देर की नोकझोंक और गहमागहमी के बीच सपा नेता आगे बढ़े और पीड़ित परिजनों से मुलाकात की।
पीड़ित परिवार के आवास पर पहुँचकर सांसद हरेंद्र मलिक ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि सोनू की हत्या केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर सवाल है। सांसद ने कहा कि यदि दोषियों को सख्त सजा नहीं मिली तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से उठाएगी।
सांसद हरेंद्र मलिक ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय उन्हें डराने और आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस प्रतिनिधि मंडल में सपा नेता सागर कश्यप समेत दर्जनों वरिष्ठ और स्थानीय नेता शामिल रहे। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि सोनू हत्याकांड ने आम जनता के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है और ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। सपा नेताओं के दौरे से क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है, वहीं प्रशासनिक महकमे में भी इस दौरे को लेकर हलचल देखी गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह पुलिस ने प्रतिनिधि मंडल को रोकने का प्रयास किया, उससे कई सवाल खड़े होते हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि यदि जनप्रतिनिधि ही पीड़ित परिवार से मिलने में बाधाओं का सामना कर रहे हैं, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कुल मिलाकर सोनू हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासन, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर सियासी तापमान और बढ़ने के आसार हैं।
