रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर गुरुवार को राजकीय जिला पुस्तकालय ज्ञान, साहित्य और पठन संस्कृति के उत्सव का केंद्र बन गया। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन, जिला विद्यालय निरीक्षक के मार्गदर्शन तथा राजकीय जिला पुस्तकालय प्रभारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में “पुस्तकें हमारी मित्र” विषय पर कार्यशाला, प्रश्नोत्तरी और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सच्ची मित्र हैं। उन्होंने युवाओं से डिजिटल युग में भी पुस्तकों से जुड़ाव बनाए रखने का आह्वान किया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कु. कनन जैन और कु. शिवाक्षी को “विकसित उत्तर प्रदेश @2047” पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया गया। विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा गया कि पढ़ने की आदत ही उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
इस अवसर पर जनपद के प्रतिष्ठित महाविद्यालयों के लाइब्रेरियन भी सम्मानित किए गए। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज के लाइब्रेरियन अनित चौधरी, रेखा त्यागी, सुमन भाटिया तथा एसडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की लाइब्रेरियन शुमायला को राष्ट्रीय ध्वज और पुस्तकें भेंट कर सम्मान दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि 23 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस यूनेस्को की पहल है, जिसका उद्देश्य पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना, साहित्य और प्रकाशन जगत को प्रोत्साहित करना तथा कॉपीराइट के प्रति जागरूकता फैलाना है।
कार्यक्रम में डॉ. रणवीर सिंह और डॉ. राजीव कुमार ने सभी को विश्व पुस्तक दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान विशाल कुमार, अजय कुमार सहित अनेक विद्यार्थी, पाठक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ज्ञान और संस्कार की विरासत को आगे बढ़ाने वाले इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि बदलते दौर में भी किताबों की रोशनी कभी कम नहीं होती।

