रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। बढ़ती महंगाई के खिलाफ जनाक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को क्रांति सेना व महिला मोर्चा की सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और महंगाई पर तत्काल नियंत्रण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान महिलाओं ने साफ कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और अब हालात असहनीय होते जा रहे हैं।
महिलाओं ने अपने ज्ञापन में बताया कि बीते कुछ वर्षों में महंगाई ने घर-घर का बजट बिगाड़ दिया है। खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, दवाइयों और किराए तक हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं। हालत यह है कि आम आदमी का मासिक खर्च 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ चुका है, जबकि आमदनी वहीं की वहीं है। मध्यम वर्ग की बचत खत्म हो चुकी है और गरीब तबका दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहा है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि महंगाई अब सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि यह परिवारों की खुशहाली, बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों के इलाज पर सीधा असर डाल रही है। युवाओं और नौकरीपेशा वर्ग पर दोहरी मार पड़ रही है—एक ओर बढ़ती कीमतें और दूसरी ओर स्थिर वेतन ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
ज्ञापन के माध्यम से क्रांति सेना ने सरकार से कई ठोस मांगें रखीं। इनमें आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर सख्त नियंत्रण, पेट्रोल-डीजल व गैस पर टैक्स में कटौती, कृषि उत्पादों में बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर सीधे किसान से उपभोक्ता तक व्यवस्था लागू करना, जमाखोरी व कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई, छोटे व्यापारियों को सस्ता ऋण और राहत पैकेज देने जैसी मांगें प्रमुख रहीं। साथ ही महंगाई नियंत्रण के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने की भी मांग की गई।
इस दौरान जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, जिलाध्यक्ष मुकेश त्यागी, मंडल अध्यक्ष शरद कपूर, पूनम चाहल, जिला उपाध्यक्ष शालू चौधरी, राखी प्रजापति, नगर अध्यक्ष मोनिका प्रजापति, मिथिलेश गिरी, सुमन प्रजापति, अनीता प्रजापति, रजनी शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

