रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। प्रदेश में विकास के दावों के बीच अब पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। भारतीय किसान यूनियन सेवक (अ) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे ज्ञापन में गोरखपुर-शामली-पानीपत प्रस्तावित हाईवे के सर्वे में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर दीपक सोम और राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी विनीत त्यागी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में विकास, रोजगार और निवेश के क्षेत्र में सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिसकी सराहना की जानी चाहिए। लेकिन इसी विकास की आड़ में यदि भ्रष्टाचार पनपता है तो यह जनता के भरोसे को कमजोर करता है।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित हाईवे के सर्वे में स्थानीय प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए रूट में बदलाव किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई जिलों में इस संबंध में भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने के बावजूद फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल किसानों के अधिकारों का हनन है, बल्कि करोड़ों लोगों की उम्मीदों के साथ भी सीधा अन्याय है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और जनता का विश्वास कायम रह सके।
किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा। किसानों ने साफ कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी कीमत पर अन्याय और भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं करेंगे।

