रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जनपद में आयोजित जागरूकता संगोष्ठी में आधुनिक चिकित्सा में विज्ञान की भूमिका को लेकर गंभीर चर्चा हुई। जानसठ रोड स्थित एसडी पब्लिक स्कूल में जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने साफ शब्दों में कहा कि तकनीक और मोबाइल की जानकारी उपयोगी जरूर है, लेकिन इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह ही अंतिम और सुरक्षित विकल्प है।
जिलाधिकारी एवं जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष उमेश मिश्रा के निर्देशन में आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता एसडी कॉलेज की प्रिंसिपल नीलम महाना ने की, जबकि संचालन ज्योति वर्मा ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने अपने संबोधन में कहा कि बीते दो दशकों में विज्ञान ने चिकित्सा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। आधुनिक तकनीकों के चलते आज जटिल बीमारियों का भी सफल इलाज संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल मनुष्य ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों और वनस्पतियों के लिए भी समान रूप से आवश्यक है।
उन्होंने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि इंटरनेट और मोबाइल से बीमारी की जानकारी लेना ठीक है, लेकिन स्वयं इलाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। सही उपचार के लिए हमेशा प्रशिक्षित डॉक्टर की निगरानी जरूरी है।
इस दौरान जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक अरोड़ा ने रेड क्रॉस की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विज्ञान के सहयोग से भारत पोलियो उन्मूलन में सफलता हासिल कर चुका है। हालांकि दुनिया के कुछ हिस्सों में अभी भी पोलियो मौजूद है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में रेड क्रॉस सोसाइटी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और मुजफ्फरनगर में भी इसे और सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। साथ ही उन्होंने स्वच्छता को स्वास्थ्य का मूल आधार बताते हुए इसे दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।
गोष्ठी में मनोवैज्ञानिक मनोज पांडे ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में संयोजक अंशुमन शर्मा, कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा, डॉ. संजय अग्रवाल, शिव बहादुर, शिवानी गुप्ता सहित विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में जूनियर रेड क्रॉस के गठन की घोषणा भी की गई। अंत में प्रधानाचार्य नीलम महाना ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार जताते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

