रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर के थाना नई मंडी क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नई मंडी पुलिस ने 15 हजार रुपये के इनामी और वांछित गौकश अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दूसरे साथी को कॉम्बिंग के दौरान दबोच लिया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाश चेकिंग के दौरान बाइक छोड़कर जंगल की ओर भागे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया। मौके से गौकशी के उपकरण, अवैध तमंचे, कारतूस और बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक बरामद की गई है।

जनपद मुज़फ्फरनगर के थाना नई मंडी पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब सिसौना पुलिया पर चेकिंग के दौरान बागोंवाली की तरफ से आती एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के इशारे के बावजूद बाइक सवार नहीं रुके और रजवाहे की तरफ तेज़ी से भाग निकले। पुलिस टीम ने पीछा किया तो बारिश और गीले रास्ते के चलते बदमाशों की बाइक फिसल गई। इसके बाद दोनों अभियुक्त बाइक मौके पर छोड़कर जंगल की तरफ भागे और पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने खुद को बचाते हुए बदमाशों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन जब फायरिंग नहीं रुकी तो जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान महबूब पुत्र महमूद निवासी मदीना कॉलोनी, थाना सिविल लाइन, मुज़फ्फरनगर गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी नरेश पुत्र दिलेराम निवासी रसूलपुर, थाना चरथावल को घेराबंदी और कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महबूब थाना नई मंडी में दर्ज गौवध अधिनियम के मामलों में वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। दोनों अभियुक्तों के कब्जे से दो तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, गौकशी में इस्तेमाल होने वाले दो छुरे, एक कुल्हाड़ी, लकड़ी का गुटका, पल्ली, एक कट्टा, दो रस्सियों के टुकड़े और बिना नंबर की एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक घायल अभियुक्त महबूब पर चोरी, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और गौवध अधिनियम समेत एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि गिरफ्तार अभियुक्त नरेश का भी लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया है। उस पर आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी और अन्य गंभीर मामलों में करीब 17 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

