रिपोर्ट – ब्रह्म प्रकाश शर्मा

जानसठ/सिखेड़ा। शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को जगाने के उद्देश्य से, सिखेड़ा स्थित वेदांता पब्लिक स्कूल में ‘बसंत पंचमी’ और ‘पराक्रम दिवस’ (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस दोहरे उत्सव ने विद्यार्थियों में ज्ञान की देवी के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र नायकों के प्रति कृतज्ञता का संचार किया।
उत्सव का आरंभ विद्यालय प्रबंधन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत, विद्यालय प्रांगण में एक सामूहिक हवन का आयोजन हुआ, जिसमें आहुति देकर सभी के उज्जवल भविष्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और ‘जय हिंद’ के नारों से गुंजायमान रहा।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य विवेक चौधरी ने बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-
“बसंत पंचमी केवल एक ऋतु परिवर्तन नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों के प्रति जागृत होने का पर्व है। शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम बनाना है।”
विद्यालय की कोऑर्डिनेटर सुनीता सैनी ने पर्व की प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि बसंत का आगमन प्रकृति में नव-जीवन का संचार करता है। यह हमारे भीतर रचनात्मक ऊर्जा भरने और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देता है। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए विद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह आर्य ने उनके बलिदान और अदम्य साहस की चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का दिन नेताजी के सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लेने का है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भक्ति और देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समस्त ‘वेदांता परिवार’ के सदस्यों और शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। अनुशासन और उत्साह के बीच यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
