रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ़्फ़रनगर। जिले में घटतौली और नापतौल में कथित धांधली को लेकर किसानों का आक्रोश अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। बृहस्पतिवार को किसान यूनियन अराजनीतिक ने विधि माप विज्ञान विभाग के कार्य मानक प्रयोगशाला भवन पर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी और प्रदर्शन के साथ शुरू हुए इस आंदोलन में किसानों ने विभागीय अधिकारियों पर मिल मालिकों से मिलीभगत कर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए। यूनियन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह धरना अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।
धरने को संबोधित करते हुए किसान यूनियन अराजनीतिक के जिला अध्यक्ष अक्षु त्यागी ने कहा कि नापतौल व्यवस्था किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाई गई है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल मालिकों के साथ सांठगांठ कर घटतौली कराई जा रही है, जिससे किसानों को हर तौल पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। “यह सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है और अब किसान इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे,” उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि गन्ना तौल के दौरान मानकों में जानबूझकर हेरफेर की जाती है। तौल मशीनों की सही जांच नहीं होती और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है। किसानों का आरोप है कि इस मिलीभगत के कारण वर्षों से उनका शोषण हो रहा है, लेकिन अब वे संगठित होकर इसका जवाब देंगे।
धरने के दौरान किसान यूनियन अराजनीतिक के कार्यकर्ताओं ने “घटतौली बंद करो”, “किसान विरोधी व्यवस्था नहीं चलेगी” और “भ्रष्टाचार का जवाब आंदोलन से देंगे” जैसे नारे लगाकर अपना रोष जाहिर किया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे, जिससे माहौल पूरी तरह आंदोलनमय बना रहा।
सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
