Homeराष्ट्रीयनलकूप विभाग में आउटसोर्सिंग भुगतान को लेकर बड़ा भ्रष्टाचार, अलग-अलग मदों से...

नलकूप विभाग में आउटसोर्सिंग भुगतान को लेकर बड़ा भ्रष्टाचार, अलग-अलग मदों से लाखों की संदिग्ध निकासी

रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर। जनपद गाजीपुर के नलकूप विभाग में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार शासन द्वारा दैनिक वेतनभोगी/आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भुगतान हेतु दो मदों में मात्र 1.80 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों–कर्मचारियों की मिलीभगत से इससे कहीं अधिक रकम की निकासी कर ली गई।
सूत्रों के मुताबिक विभाग द्वारा अलग-अलग मदों से
29,33,952 रुपये, 32,86,260 रुपये, 29,75,312 रुपये तथा 32,90,011 रुपये की बड़ी धनराशि निकाली गई। हैरानी की बात यह है कि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह पैसा कहां, किस कर्मचारी, किस अवधि और किस कार्य में खर्च किया गया।
बताया जा रहा है कि इन सभी भुगतानों का विवरण नलकूप विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज है, जिससे यह तो स्पष्ट होता है कि धन निकासी हुई, लेकिन वास्तविक कार्य और खर्च का पूरा ब्यौरा आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया।
जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप
स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि इस कथित भ्रष्टाचार में
अधिशासी अभियंता राहुल अग्रहरि,
विभाग में “सेटेलमेंट बाबू” के नाम से मशहूर रामकुमार वर्मा,
तथा विजय गुप्ता (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी), जिन्हें अधिशासी अभियंता का खास बताया जाता है,
की आपसी मिलीभगत से यह पूरा खेल संभव हो पाया। आरोप है कि विजय गुप्ता से फर्जी बिल तैयार कराए जाते थे, जिनके आधार पर लाखों रुपये की निकासी कर ली गई।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल
जब शासन से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए केवल 1.80 लाख रुपये जारी हुए, तो
लाखों रुपये किन मदों से और किस आधार पर निकाले गए?
किस कार्य के बदले भुगतान दर्शाया गया?
क्या वास्तव में उतने कर्मचारी कार्यरत थे?
और फर्जी बिल तैयार कराने की जरूरत क्यों पड़ी?
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह मामला कागजों पर फर्जी भुगतान दिखाकर सरकारी धन के गबन का प्रतीत होता है। यदि समय रहते इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो नलकूप विभाग में भ्रष्टाचार का यह खेल और भी बड़ा रूप ले सकता है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन, शासन और विजिलेंस विभाग इस पूरे प्रकरण पर क्या संज्ञान लेते हैं और नामजद अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कब कार्रवाई होती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments