रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। जनपद की सबसे प्रतिष्ठित अधिवक्ता संस्था डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वर्ष 2026-27 के चुनाव परिणामों ने कचहरी की सियासत का मिज़ाज बदल दिया है। रोमांच, रणनीति और जबरदस्त मुकाबले के बीच अध्यक्ष पद पर प्रमोद त्यागी ने शानदार वापसी करते हुए जीत का परचम लहराया, जबकि महासचिव पद पर सुरेंद्र कुमार मलिक ने निर्णायक बढ़त के साथ बाजी मार ली।
मतगणना के अंतिम दौर तक चली सांसें थाम देने वाली जद्दोजहद के बाद जैसे ही आधिकारिक घोषणा हुई, कचहरी परिसर जयघोष से गूंज उठा। समर्थकों ने फूल-मालाओं से अपने प्रत्याशियों का स्वागत किया और ढोल-नगाड़ों की थाप पर जीत का जश्न मनाया। कई अधिवक्ताओं ने इसे “अनुभव और भरोसे की जीत” करार दिया।
अध्यक्ष पद पर प्रमोद त्यागी की वापसी को अधिवक्ता राजनीति में बड़ा संदेश माना जा रहा है। चुनाव के दौरान उन्होंने बार की गरिमा, अधिवक्ताओं के हितों की सुरक्षा और न्यायिक कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करने को अपना प्रमुख एजेंडा बनाया था। वहीं महासचिव बने सुरेंद्र कुमार मलिक ने युवा और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के बीच सेतु बनने का भरोसा दिलाया था।
इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट काजी शिवली ने भी विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए कहा कि नई कार्यकारिणी से अधिवक्ताओं की लंबित समस्याओं के समाधान और संगठन की मजबूती को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बार की एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।
चुनाव परिणामों के बाद विजयी पदाधिकारियों ने कहा कि यह जीत व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे बार परिवार की है। उन्होंने पारदर्शिता, एकजुटता और अधिवक्ताओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया।
जिला बार संघ के इस चुनाव को लेकर कई दिनों से कचहरी परिसर में गहमागहमी थी। मतदान के दिन भारी उत्साह देखने को मिला और रिकॉर्ड मतदान ने चुनाव को ऐतिहासिक बना दिया। अब नई कार्यकारिणी से अधिवक्ताओं को संगठनात्मक मजबूती और प्रभावी नेतृत्व की उम्मीदें हैं।
