रिपोर्ट – रजनीश शर्मा

हरदोई। जनपद में नहर विभाग के अंतर्गत हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने से लोगों में नाराज़गी है। बताया जा रहा है कि विभागीय क्षेत्र में अशोक और जामुन के दर्जनों पेड़ों पर दिनदहाड़े आरा चलाया जा रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार, नहर विभाग कार्यालय में लगे वर्षों पुराने पेड़ों को लगातार काटा जा रहा है। इन पेड़ों की कटाई खुलेआम हो रही है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि कोई आम व्यक्ति एक भी हरा पेड़ काट देता, तो उस पर तत्काल कार्रवाई होती, लेकिन विभागीय स्तर पर हो रही इस कटाई पर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
आरोप है कि पेड़ों की कटाई बिना किसी स्पष्ट सूचना या सार्वजनिक आदेश के की जा रही है, जिससे मामले में पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से न सिर्फ हरियाली खत्म होती है, बल्कि जलवायु और स्थानीय पारिस्थितिकी पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
फिलहाल मामले को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों में असंतोष बना हुआ है।
