Headlines

प्रदूषण और किसानों के मुद्दों से भटके संगठनों के खिलाफ सख्त रुख, बड़े आंदोलन की चेतावनी

Spread the love

रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फ़रनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष अंकित चौधरी ने किसान मज़दूर संगठन को लेकर कड़ा बयान देते हुए कहा कि जो भी संगठन किसानों के मूल मुद्दों को छोड़कर मिल मालिकों के साथ मिलकर अपने निजी फायदे के लिए काम करेगा, उसके खिलाफ भाकियू (अराजनैतिक) खुला मोर्चा संभालेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों और मज़दूरों के हितों से किसी भी तरह का समझौता संगठन को स्वीकार नहीं है और ऐसे संगठनों को बेनकाब किया जाएगा।

अंकित चौधरी ने कहा कि गन्ना भुगतान, सिंचाई, बिजली, खाद-बीज और बढ़ता प्रदूषण किसानों की सबसे बड़ी समस्याएं हैं, लेकिन कुछ संगठन इन मुद्दों से ध्यान भटकाकर उद्योगपतियों और मिल मालिकों के हित साधने में लगे हुए हैं। भाकियू (अराजनैतिक) किसानों की आवाज़ को दबने नहीं देगी और ज़रूरत पड़ने पर सड़क से लेकर प्रशासन तक संघर्ष करेगी।

इस दौरान ज़िलाध्यक्ष अक्षय त्यागी ने ज़िले में फैल रहे प्रदूषण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि औद्योगिक कचरा और प्रदूषण कुछ नेताओं के इशारों पर फैलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदूषण विभाग ने इस पर जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो ज़िले में जमा हो रहे कचरे को उठाकर प्रदूषण विभाग के दफ़्तर में भर दिया जाएगा। उनका कहना था कि किसानों की ज़मीन, जल और हवा के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं नगर अध्यक्ष वसीम खान ने भी प्रदूषण के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदूषण की वजह से आम लोग शोषण, और गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को साफ लफ्जों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

भाकियू (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि किसानों, मज़दूरों और आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ संघर्ष लगातार जारी रहेगा और किसी भी दबाव में संगठन अपने कदम पीछे नहीं हटाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *