रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मेघाखेड़ी गांव में एक विधवा महिला ने स्कूल वैन चालक पर लापरवाही से टक्कर मारने के साथ-साथ अब धमकी और समझौते के दबाव का भी गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि हादसे में घायल होने के बाद जब उन्होंने शिकायत की तो स्कूल पक्ष की ओर से मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया जा रहा है। महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।
मेघाखेड़ी निवासी सोनिया ने आरोप लगाया है कि लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर की स्कूल वैन ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनके दोपहिया में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिर पड़ीं और उन्हें चोटें आईं। उनका वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सोनिया का कहना है कि वह अपने दैनिक कार्य से लौट रही थीं, तभी अचानक पीछे से आई स्कूल वैन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की सड़कों पर स्कूल वैन चालक अक्सर नियमों की अनदेखी करते हुए तेज गति से वाहन चलाते हैं।
लेकिन मामला यहीं नहीं थमा। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत करने के बाद स्कूल प्रबंधन से जुड़े कुछ लोग उन पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें धमकाया जा रहा है कि यदि उन्होंने शिकायत वापस नहीं ली तो उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। एक विधवा महिला के इस आरोप ने पूरे गांव में हलचल मचा दी है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर रोष है कि अगर शिक्षण संस्थान से जुड़े लोग ही कानून की अनदेखी करेंगे और पीड़ित पर दबाव बनाएंगे तो आम जनता कहां जाएगी। लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
सोनिया ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में निष्पक्ष जांच, दोषी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, हुए नुकसान की भरपाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि वह न्याय चाहती हैं, समझौता नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि धमकी या दबाव बनाने के आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि क्या एक पीड़ित विधवा महिला को न्याय मिलेगा या दबाव की राजनीति हावी होगी। पूरे जनपद की निगाहें इस मामले की जांच पर टिकी हैं।
