Headlines

बाबरी मस्जिद निर्माण के विरोध में हिंदू महासभा का एलान, बोले— “किसी भी कीमत पर नहीं बनने देंगे”

Spread the love

रिपोर्ट – कबीर


मुज़फ़्फ़रनगर। शहर के मीडिया सेंटर में आयोजित अखिल भारत हिंदू महासभा की प्रेस वार्ता उस समय गरमा गई जब संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए ऐलान किया कि “किसी भी कीमत पर निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
प्रेस वार्ता में नासिक से आए राष्ट्रीय संरक्षक श्री श्री 1008 स्वामी माधवन सरस्वती महाराज, अयोध्या से आईटी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय दादा, उत्तराखंड से राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष अरुण चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष अमित पहलवान, विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट बृजभूषण शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।


डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को वे “ऐतिहासिक संघर्ष की विजय” मानते हैं और अब बाबरी मस्जिद के नाम पर किसी भी प्रकार की पहल को वे समाज को बांटने की साजिश के रूप में देखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व धार्मिक भावनाओं को भड़काकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पश्चिम बंगाल में निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया गया तो संगठन राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ेगा।
राष्ट्रीय संरक्षक स्वामी माधवन सरस्वती महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि देश में बार-बार सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनती है और इसके लिए उन्होंने “तुष्टिकरण की राजनीति” को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सरकार से धार्मिक स्थलों को लेकर सख्त नीति बनाने की मांग की।
आईटी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय दादा ने जम्मू-कश्मीर और बंगाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि “भाईचारे की बात करने वालों को एकतरफा बयानबाजी छोड़नी चाहिए।” उन्होंने कहा कि यदि देश में स्थायी शांति चाहिए तो सभी पक्षों को समान जिम्मेदारी निभानी होगी।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा और प्रदेश अध्यक्ष अरुण चौधरी ने कहा कि संगठन आने वाले समय में अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों को भी जोर-शोर से उठाएगा। उन्होंने दावा किया कि “धार्मिक स्थलों की मुक्ति” उनका अगला अभियान होगा और इसकी शुरुआत कृष्ण जन्मभूमि मुद्दे से की जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं के बयानों में तीखापन साफ झलकता रहा। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आगामी दिनों में प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकते हैं।
फिलहाल, इस बयानबाजी के बाद माहौल गरमा गया है और निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित पक्ष इस पर क्या रुख अपनाते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *