रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के रामपुरी मोहल्ले में दोपहर लगभग दो से तीन बजे के बीच उस समय सनसनी फैल गई जब कूड़े के ढेर के पास एक कुत्तिया नवजात बच्ची का शव मुंह में दबाकर ले जाती दिखाई दी। मासूम की यह भयावह तस्वीर देखते ही पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया और लोग सन्न रह गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय एक कुत्तिया नवजात को मुंह में दबाए गली से गुजर रही थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि वह कोई मांस का टुकड़ा उठा लाई है, लेकिन जब ध्यान से देखा गया तो वह एक नवजात बच्ची का शव था। यह दृश्य देख स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और कुत्ते को घेरकर बच्ची को उसके मुंह से छुड़ाया।
खबर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से है आपको बता दें मोहल्ले की निवासी शिवानी ने बताया कि पहले किसी को यकीन नहीं हुआ, लेकिन पास जाकर देखा तो वह नवजात बच्ची थी। वहीं स्थानीय निवासी गौतम ने बताया कि लोगों ने तुरंत बच्ची को कपड़े में लपेटा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली प्रभारी बबलू कुमार वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रारंभिक आशंका है कि जन्म के तुरंत बाद बच्ची को कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
इस घटना ने समाज को आईना दिखा दिया है। एक तरफ सरकार “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ नवजात बेटियों को कूड़े के ढेर में मरने के लिए छोड़ दिया जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है? क्या संवेदनाएं इतनी मर चुकी हैं कि अपनी ही संतान को इस तरह लावारिस छोड़ दिया जाए?
क्या ऐसी सोच रखने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी? क्या आने वाले समय में कानून ऐसे अपराधियों के लिए और कठोर कदम उठाएगा? यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज की गिरती मानसिकता पर गहरा प्रहार है।
रामपुरी की यह हृदयविदारक घटना हर उस व्यक्ति को सोचने पर मजबूर करती है जो बेटी के सम्मान और सुरक्षा की बात करता है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषियों को कब तक कानून के कठघरे में खड़ा किया जाता है।
