रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में प्रदूषण के मुद्दे पर किसान मजदूर संगठन और एक फैक्ट्री संचालक के बीच विवाद गहराता जा रहा है। किसान मजदूर संगठन ने मलीरा स्थित तिरूपति एंटरप्राइजेज फैक्ट्री के मालिक पर प्रशासन को गुमराह कर संगठन पदाधिकारियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
संगठन के जिलाध्यक्ष ठा० लोकेश राणा के नेतृत्व में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि जनहित में प्रदूषण फैला रही उक्त फैक्ट्री के बाहर पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण धरना दिया गया था। संगठन का दावा है कि धरने की वीडियोग्राफी और फोटो उनके पास मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था।
बिल्लू राणा ने आरोप लगाया गया है कि फैक्ट्री मालिक ने फोन पर संगठन पदाधिकारियों को धमकाते हुए कहा कि वह अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसा देगा। साथ ही कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। संगठन ने कॉल डिटेल और स्क्रीनशॉट संलग्न करने का दावा किया है।
किसान मजदूर संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण धरना देना उनका संवैधानिक अधिकार है और यदि किसी उद्योग द्वारा प्रदूषण फैलाया जा रहा है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना जनहित का विषय है। संगठन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फैक्ट्री मालिक के खिलाफ धमकी और षड्यंत्र के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जाए तथा संगठन पदाधिकारियों पर लगाए गए कथित झूठे मुकदमों की जांच कर उन्हें वापस लिया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो 26 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस पूरे मामले ने प्रशासन और उद्योग जगत के सामने कानून व्यवस्था व पर्यावरणीय जिम्मेदारी का सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ाता है और दोनों पक्षों के बीच उत्पन्न टकराव का समाधान कैसे निकाला जाता है।
