रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में वैलेंटाइन डे से पहले सियासी और सामाजिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। शहर के सिविल लाइन से लेकर मंडी थाना क्षेत्र तक उस समय हलचल मच गई, जब बिट्टू सिखेड़ा, जिला अध्यक्ष शिवसेना और पूनम चौधरी, जिला अध्यक्ष क्रांति सेना अपने समर्थकों के साथ होटलों पर पहुंचे और संचालकों को सख्त चेतावनी दी। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि वैलेंटाइन डे के नाम पर किसी भी तरह की गतिविधि, जिसे वे अनुचित मानते हैं, स्वीकार नहीं की जाएगी। इतना ही नहीं, उन्होंने खुले मंच से यह भी कहा —जहां दिखे बंटी बबली, वहीं तोड़ देंगे हड्डी पसली।” इस बयान के बाद शहर में बहस छिड़ गई है और राजनीतिक हलकों से लेकर आम नागरिकों तक में चर्चा तेज हो गई है।
वैलेंटाइन डे से पहले दोनों संगठनों के पदाधिकारी सिविल लाइन क्षेत्र से अभियान की शुरुआत करते हुए कई होटलों तक पहुंचे। होटल संचालकों से बातचीत कर उन्हें नोटिस थमाया गया और स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों का कड़ाई से पालन करें।
नेताओं का कहना है कि यह कदम शहर की “संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की रक्षा” के लिए उठाया गया है। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कई स्थानों पर नारेबाजी भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। होटल संचालकों में इस कार्रवाई के बाद असमंजस की स्थिति देखी गई।
बिट्टू सिखेड़ा ने कहा हमने होटल मालिकों को साफ शब्दों में समझा दिया है कि मुज़फ़्फ़रनगर की परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के साथ कोई समझौता नहीं होगा। वैलेंटाइन डे के नाम पर अगर किसी भी होटल में लड़का-लड़की संदिग्ध या आपत्तिजनक स्थिति में मिले तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। जहां दिखे बंटी बबली, वहीं तोड़ देंगे हड्डी पसली यह हमारी सख्त चेतावनी है। आज हमने केवल आगाह किया है, लेकिन अगर कल किसी ने लापरवाही दिखाई तो पूरी जिम्मेदारी संबंधित होटल संचालक की होगी।”
पूनम चौधरी मैं कहां क्रांति सेना समाज में अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमने होटल संचालकों से कहा है कि वे अपने यहां आने वाले लोगों का पूरा रिकॉर्ड रखें और किसी भी प्रकार की गलत गतिविधि को बढ़ावा न दें। यदि वैलेंटाइन डे के दिन किसी होटल में प्रेमी जोड़ा नियमों के विरुद्ध पाया गया तो संगठन सख्त कदम उठाएगा। हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि चेतावनी को हल्के में न लिया जाए।”
वैलेंटाइन डे से पहले दिए गए इन बयानों ने शहर में सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है और कानून व्यवस्था को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
