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चकबन्दी विभाग में गलत नक्शा-23 पर भड़के किसान, कलेक्ट्रेट में धरना शुरू

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रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। चरथावल क्षेत्र के ग्राम दूधली के किसानों ने चकबन्दी विभाग पर गलत नक्शा-23 जारी करने, किसानों की आपत्तियाँ न सुनने और लगातार टालमटोल करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार धरना शुरू कर दिया। किसान मजदूर संगठन (पंजी. 1302/18) के युवा जिला अध्यक्ष बिल्लू राणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।

किसानों ने बताया कि 08 नवंबर को इसी मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था। जिसके बाद एसओसी चकबन्दी ने दो दिन का समय लेकर आश्वासन दिया था कि नक्शा-23 निरस्त कर नया नक्शा तभी जारी किया जाएगा जब किसानों की सभी आपत्तियाँ — जैसे रकबे में कमी, कीमतों में गड़बड़ी और असमान वितरण — पूरी तरह दूर की जाएंगी। इसके बाद 12 नवंबर को एसओसी, डीडीसी और सीओ चकबन्दी से मुलाकात हुई तो उन्होंने फिर दो दिन का समय मांगा। किसानों के अनुसार, चार दिन की मोहलत देने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

युवा जिला अध्यक्ष बिल्लू राणा ने कहा कि चकबन्दी विभाग सिर्फ झूठे आश्वासन देकर समय निकाल रहा है, जबकि अधिकांश किसान परेशान और न्याय से वंचित हैं। उन्होंने साफ कहा कि 25 अक्टूबर 2025 से वितरित किए जा रहे गलत नक्शा-23 को तुरंत निरस्त कर सभी आपत्तियों का समाधान करते हुए नया नक्शा-23 जारी किया जाए, अन्यथा किसान अनिश्चितकालीन धरने को मजबूर होंगे।

किसानों ने एसीओ अजय कुमार आर्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कथित रूप से रिश्वत लेकर केवल कुछ किसानों के काम सही किए, जबकि लगभग 90 प्रतिशत किसान आज भी उपेक्षित हैं। किसानों ने एसीओ के विरुद्ध विभागीय जांच, उनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।

धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि वे न्याय की उम्मीद में कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं और अपेक्षा करते हैं कि प्रशासन हस्तक्षेप कर निष्पक्ष और सही नक्शा-23 जारी कराने का कार्य जल्द शुरू करेगा। किसानों का कहना है कि यदि आज भी नक्शा निरस्त नहीं किया गया, तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।

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