रिपोर्ट -एकरार खान


गाजीपुर। देवकली क्षेत्र में परिवहन विभाग की टीम ने शनिवार को बड़े स्तर पर अभियान चलाते हुए स्कूली और कॉलेज वाहनों की सघन चेकिंग की। इस अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) धनवीर यादव ने किया। अभियान के दौरान कई स्कूल और कॉलेजों की बसों की जांच की गई। इसी क्रम में रघुनंदन किशुनदेव पीजी कॉलेज, देवचंदपुर, देवकली की बस जो छात्रों से ओवरलोड भरी हुई थी, को मौके पर रोककर उसका चालान किया गया। इसके साथ ही दर्जनों अन्य वाहनों के भी चालान काटे गए।
चेकिंग के दौरान एआरटीओ धनवीर यादव ने स्वयं कॉलेज के छात्रों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी छात्र असुरक्षित यात्रा न करे। ओवरलोड बसों में सफर करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह बच्चों की जान को भी खतरे में डालता है। उन्होंने छात्रों को समझाया कि परिवहन नियमों का पालन करना उनकी सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
एआरटीओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि भविष्य में किसी कॉलेज या स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों से भरी बसों को ओवरलोड करके चलाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में केवल वाहन मालिक ही नहीं, बल्कि संबंधित संस्था के प्रबंधक और जिम्मेदार अधिकारी भी कार्रवाई की जद में आएंगे।
उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि वे अपने कॉलेज या किसी अन्य स्थान पर ओवरलोड वाहन चलते हुए देखें तो बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे उनके नंबर पर संपर्क कर सूचना दें। एआरटीओ ने कहा, “आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। यदि कोई संस्था या वाहन चालक लापरवाही करता है तो उसकी सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।”
धनवीर यादव ने बताया कि परिवहन विभाग लगातार जिलेभर में अभियान चला रहा है, ताकि स्कूल-कॉलेजों की बसों में ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहन पंजीकरण, फिटनेस, इंश्योरेंस, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी एग्जिट जैसी सभी व्यवस्थाओं का सही होना अनिवार्य है।
एआरटीओ की इस कार्रवाई से शिक्षा संस्थानों के प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। कई कॉलेजों ने तुरंत अपने वाहनों की जांच और सुधार प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, स्थानीय अभिभावकों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से छात्रों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह संस्थानों को सबक मिलेगा।
परिवहन विभाग का यह अभियान जिलेभर में आगे भी जारी रहेगा, ताकि सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता के साथ-साथ नियमों के पालन को सुनिश्चित किया जा सके।
