रिपोर्टर: शारिक खान, रामपुर
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन हुआ सक्रिय
रामपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ‘सेफ फ्यूचर अभियान’ के तहत स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। परिवहन आयुक्त के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देशन में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न विद्यालयों की स्कूल बसों का निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चों के परिवहन में लगे सभी वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों का पूरी तरह पालन करें।
22 स्कूल बसों की हुई जांच
संयुक्त जांच अभियान के दौरान कुल 22 स्कूल बसों का सघन निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, सुरक्षा उपकरण, चालक की पात्रता और अन्य आवश्यक मानकों की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान चार विद्यालयों के वाहनों की विशेष रूप से जांच की गई, जिसमें कुछ गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
विद्यालय के नाम से पंजीकृत नहीं थी बस, वाहन किया गया सीज
जांच के दौरान एक ऐसी बस मिली जो संबंधित विद्यालय के नाम से पंजीकृत नहीं थी, लेकिन उसी विद्यालय के छात्रों का परिवहन कर रही थी। इसे सुरक्षा और नियमों के दृष्टिकोण से गंभीर अनियमितता मानते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की।
नियमानुसार बस को जब्त कर थाना शहजादनगर में सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों के परिवहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
तीन बसों का चालान, दो को नोटिस
निरीक्षण के दौरान अन्य वाहनों में भी विभिन्न प्रकार की कमियां पाई गईं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर तीन स्कूल बसों का चालान किया गया। वहीं दो स्कूल बसों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में कमियों को दूर नहीं किया गया तो संबंधित विद्यालयों और वाहन संचालकों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सुरक्षा मानकों के पालन पर दिया जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधन और वाहन संचालकों से अपील की कि स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वाहन के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, आवश्यक दस्तावेज तथा सुरक्षा संबंधी सभी उपकरण उपलब्ध होने चाहिए। इसके अलावा वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना भी अनिवार्य है।
अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूक रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को स्कूल वाहन से भेजने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों की स्वयं भी जांच करनी चाहिए।
अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे यह सुनिश्चित करें कि—
वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो।
स्कूल बस में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) बॉक्स उपलब्ध हो।
बस में कार्यशील अग्निशमन यंत्र लगा हो।
वाहन का वैध फिटनेस प्रमाणपत्र मौजूद हो।
बस का बीमा वैध हो।
स्कूल बस पर विद्यालय का नाम और संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हो।
प्रशासन का कहना है कि अभिभावकों की जागरूकता बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शिकायत मिलने पर होगी त्वरित कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी स्कूल वाहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है या परिवहन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है तो उसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग या संबंधित अधिकारियों को दी जाए। ऐसी शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
प्रशासन ने बताया कि ‘सेफ फ्यूचर अभियान’ के तहत स्कूल वाहनों की जांच भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेगी। समय-समय पर संयुक्त टीम विभिन्न विद्यालयों के वाहनों का निरीक्षण करेगी ताकि सभी छात्र सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में विद्यालय आ-जा सकें।
निष्कर्ष
रामपुर में चलाया गया ‘सेफ फ्यूचर अभियान’ स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 22 स्कूल बसों की जांच, एक बस को सीज करने, तीन वाहनों का चालान और दो को नोटिस जारी करने की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने विद्यालयों, वाहन संचालकों और अभिभावकों से मिलकर बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि हर विद्यार्थी बिना किसी जोखिम के अपने विद्यालय पहुंच सके।
