रिपोर्टर: कबीर
स्थान: मुजफ्फरनगर
क्षमता संवर्धन एवं सम्मान समारोह का आयोजन
मुजफ्फरनगर में केंद्र सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से क्षमता संवर्धन, प्रशिक्षण एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. बीरपाल निर्वाल ने की। इस अवसर पर 25 आंगनबाड़ी और 25 आशा कार्यकर्ताओं सहित कुल 50 महिला कर्मियों को प्रशिक्षण देने के साथ उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. बीरपाल निर्वाल ने कहा कि बेटियों को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इनके प्रयासों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को और मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी दीक्षा, मिशन शक्ति समन्वयक बीना शर्मा, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रीना पंवार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने बालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता को समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया।
योजना के उद्देश्यों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी ने प्रतिभागियों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्य, बालिकाओं के अधिकार, महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर तक योजना का संदेश पहुंचाने तथा समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए किया सम्मानित
प्रशिक्षण के बाद आयोजित सम्मान समारोह में सभी 50 आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी को मिल्टन की वाटर बोतल और जूट का बैग भेंट किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण सामग्री, पेयजल और जलपान की भी समुचित व्यवस्था की गई।
जनजागरूकता बढ़ाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
