रिपोर्टर: कबीर
स्थान: मुजफ्फरनगर
मोरना से शुकतीर्थ तक निकाली गई पदयात्रा
मुजफ्फरनगर के मोरना क्षेत्र में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ निकाली। पार्टी के आह्वान पर आयोजित इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
पदयात्रा मोरना के मुख्य बस स्टैंड से शुरू होकर ग्राम इलाहाबास होते हुए पौराणिक तीर्थ शुकतीर्थ (शुक्रताल) तक पहुंची। इस दौरान कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर पैदल मार्च करते रहे।
कांग्रेस नेताओं ने रखी अपनी बात
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतपाल कटारिया ने कहा कि उनकी पार्टी किसी धार्मिक आस्था के विरोध में नहीं है, बल्कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार के वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि तथ्य स्पष्ट हो सकें।
यात्रा संयोजक मनोज चौधरी ने बताया कि यह पदयात्रा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर आयोजित की गई। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान (सिटिंग) न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, जिससे जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
ट्रस्ट को लेकर भी उठाई मांग
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित अपनी मांगों में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संबंध में भी अपनी मांग रखी। उन्होंने कहा कि मंदिर के संचालन से जुड़े विषयों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे शामिल
पदयात्रा में पूर्व प्रत्याशी सलमान सईद, जिलाध्यक्ष सतपाल कटारिया, कमल मित्तल, हकीम जफर, महमूद इंजीनियर, सद्दाम सिद्दीकी, राजीव राठी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। मोरना से शुकतीर्थ तक निकाली गई इस पदयात्रा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
गौरतलब है कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दे और लगाए गए आरोप पार्टी के सार्वजनिक बयान का हिस्सा हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया या किसी जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर ही तथ्यों की पुष्टि की जा सकेगी।
