रिपोर्टर: एकरार खान, गाजीपुर
आमघाट स्थित अभिनय एकेडमी में सजी कला प्रदर्शनी
गाजीपुर नगर के आमघाट स्थित अभिनय एकेडमी में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भव्य कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, शिक्षकों, कला प्रेमियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा तैयार की गई विभिन्न कलाकृतियों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सभी ने उनकी कल्पनाशीलता, मेहनत तथा रचनात्मक सोच की सराहना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने फीता काटकर किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए बच्चों की कला प्रतिभा की प्रशंसा की और ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
बच्चों की प्रतिभा को मिला प्रोत्साहन
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि कला केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह बच्चों की सोच, कल्पना और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं और उनमें आत्मविश्वास का विकास करते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें ताकि भविष्य में वे अपनी रुचि के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रमाण-पत्र वितरण का कार्य डालिम्स सनबीम स्कूल, जखनियां के प्रबंध निदेशक आमिर अली ने किया।
उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी भी व्यक्तित्व निर्माण के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और लगन के साथ अपनी प्रतिभा को निखारते रहने के लिए प्रेरित किया।
कलाकृतियों ने मोहा सभी का मन
प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स, स्केच, रंग संयोजन और विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों को देखकर आगंतुक काफी प्रभावित हुए। प्रत्येक कलाकृति में बच्चों की कल्पनाशीलता, धैर्य और मेहनत स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
अभिभावकों और अतिथियों ने कहा कि इतने कम उम्र में बच्चों की रचनात्मक क्षमता सराहनीय है और यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन मिलता रहे तो वे भविष्य में कला के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।
कला प्रशिक्षक के योगदान की हुई सराहना
कार्यक्रम को सफल बनाने में कला प्रशिक्षक गुड़िया गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बच्चों को कला का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ प्रदर्शनी की तैयारियों में भी विशेष योगदान दिया।
अतिथियों ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा को सही दिशा देने में प्रशिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उनकी मेहनत का परिणाम प्रदर्शनी में प्रस्तुत उत्कृष्ट कलाकृतियों के रूप में देखने को मिला।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
कला प्रदर्शनी में अनेक विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियां प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में अधविक केडिया, शिवांशु कुशवाहा, आराध्या शर्मा, काव्या अग्रवाल, क्रिदय अग्रवाल, आनवी खेतान, स्वधा अग्रवाल, अयांश टिबरेवाल, देवांश केडिया, अनुष्का कुमारी, अंशिका कुमारी, कियारा सर्राफ, वसुधा सिंह, पीहू केडिया, पंखुड़ी केडिया, स्वरा केडिया, वान्या अग्रवाल, ट्विंकल गुप्ता सहित कई बच्चों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
सभी प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक सोच और कला कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
अतिथियों का किया गया स्वागत
कार्यक्रम में आने वाले सभी अतिथियों का स्वागत कला प्रशिक्षक गुड़िया गुप्ता द्वारा किया गया। वहीं कार्यक्रम का संचालन अभिनय एकेडमी के प्रबंध निदेशक संजीव अरुण कुमार ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संचालित करते हुए प्रतिभागियों और अतिथियों का उत्साहवर्धन किया।
आभार के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में अभिनय एकेडमी के प्रबंध निदेशक संजीव अरुण कुमार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराना संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है और भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।
उन्होंने सभी प्रतिभागी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, मेहनत और सही मार्गदर्शन से बच्चे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष
गाजीपुर के आमघाट स्थित अभिनय एकेडमी में आयोजित कला प्रदर्शनी बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुई। इस आयोजन ने न केवल बच्चों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर दिया, बल्कि अभिभावकों और समाज को भी यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम में प्रदर्शित कलाकृतियों और प्रतिभागियों के उत्साह ने यह साबित कर दिया कि उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर बच्चे अपनी प्रतिभा से समाज में नई पहचान बना सकते हैं।
