रिपोर्ट – कबीर
जिला – मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
मुजफ्फरनगर में जिला अधिकारी आवास के सामने गंदगी के बीच रखे सनातन धर्म के प्रतीक चिन्ह को लेकर शिवसेना ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को शिवसेना कार्यालय पर आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि 14 मई को सुबह 10 बजे तक उक्त धार्मिक प्रतीक को सम्मानपूर्वक वहां से नहीं हटाया गया, तो शिवसैनिक स्वयं मौके पर पहुंचकर उसे पवित्र स्थान पर स्थापित करेंगे।
प्रशासन पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप
बैठक के दौरान शिवसेना नेताओं ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। नेताओं का कहना था कि पांच दिन पहले युवा शाखा द्वारा इसी मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस समय अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
इसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी और रोष बढ़ता जा रहा है।
धार्मिक आस्था के अपमान का आरोप
शिवसेना नेता मनोज सैनी ने कहा कि जिस स्थान पर सनातन धर्म का प्रतीक चिन्ह रखा गया है, वहां चारों ओर गंदगी फैली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आसपास कूड़ा डाला जा रहा है और लोग खुले में मल-मूत्र त्याग कर रहे हैं, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
14 मई तक का दिया अल्टीमेटम
शिवसेना जिलाध्यक्ष लोकेश सैनी ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन ने निर्धारित समय तक कार्रवाई नहीं की, तो शिवसैनिक स्वयं मौके पर पहुंचकर धार्मिक प्रतीक चिन्ह को सम्मानपूर्वक वहां से हटाकर उचित स्थान पर स्थापित करेंगे।
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि विरोध स्वरूप उस स्थान पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें भी लगाई जाएंगी।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन शहर में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
