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कौमी एकता सम्मेलन में शिक्षा, सामाजिक सुधार और वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता पर जोर

रिपोर्टर : कबीर

लोकेशन : मुजफ्फरनगर

मुजफ्फरनगर के एक निजी बैंक्वेट हॉल में रविवार को ऑल इंडिया मोमीन अंसारी समाज द्वारा आयोजित कौमी एकता सम्मेलन में सामाजिक एकजुटता, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक सुधार और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। सम्मेलन में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहसिन रजा और पूर्व एयर विंग कमांडर ए.एच. अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए समाज के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर दिया गया बल

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ऑल इंडिया मोमीन अंसारी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष इरफान अंसारी ने कहा कि संगठन ने अपने स्थापना के पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस दौरान शिक्षा, सामाजिक जागरूकता तथा समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति शिक्षा, संगठन और आपसी सहयोग से ही संभव है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।

सामाजिक एकता का लिया संकल्प

सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने, शिक्षा का विस्तार करने और विभिन्न समुदायों के बीच भाईचारा एवं सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती आपसी सहयोग और सकारात्मक सोच से ही संभव है।

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भी सामाजिक विकास और सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

सम्मेलन के दौरान ऑल इंडिया मोमीन अंसारी समाज की ओर से विभिन्न सामाजिक मांगों से संबंधित एक ज्ञापन पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहसिन रजा को सौंपा गया। आयोजकों के अनुसार, यह ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित है, जिसमें समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ध्यान देने का अनुरोध किया गया है।

वक्फ बोर्ड और संपत्तियों पर रखे विचार

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहसिन रजा ने वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार ऐसे सदस्यों की भूमिका प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से होती है, न कि धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने की।

उन्होंने वक्फ संपत्तियों के संबंध में यह भी कहा कि उनकी राय में वक्फ की संपत्तियों का व्यापक ऑडिट कराया जाना चाहिए और यदि कहीं अनियमितताएं या अवैध कब्जे पाए जाते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि इन संपत्तियों का उपयोग जरूरतमंद लोगों के हित में किया जा सके।

विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधि

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से आए समाज के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और सम्मानित नागरिकों ने भाग लिया। वक्ताओं ने शिक्षा, संगठन, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों पर विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का समापन समाज में शिक्षा के प्रसार, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

नोट: वक्फ बोर्ड, वक्फ संपत्तियों और संबंधित नीतियों पर समाचार में उल्लिखित विचार कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं द्वारा व्यक्त किए गए हैं। इन विषयों पर सरकार और संबंधित संस्थाओं का आधिकारिक दृष्टिकोण अलग हो सकता है।

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