रिपोर्टर : कबीर
लोकेशन : मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर में रविवार को विभिन्न किसान संगठनों और सामाजिक संगठनों की संयुक्त बैठक में “भारत बचाओ मोर्चा” के गठन की घोषणा की गई। किरण फार्म हाउस में आयोजित इस बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, कृषि नीतियों और प्रस्तावित इंडो-अमेरिका डील पर चर्चा की गई। बैठक में शामिल नेताओं ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए साझा मंच बनाकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।
संयुक्त मंच बनाने का लिया निर्णय
बैठक की अध्यक्षता किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अवनीत पंवार ने की। उन्होंने कहा कि विभिन्न किसान संगठनों ने किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने के उद्देश्य से भारत बचाओ मोर्चा के गठन का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को अलग-अलग मंचों से उठाने के बजाय अब साझा प्रयासों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर संवाद स्थापित हो सके।
कृषि नीतियों पर जताई चिंता
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
चौधरी अवनीत पंवार ने अपने संबोधन में प्रस्तावित इंडो-अमेरिका डील को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनके संगठन की राय में इस प्रस्ताव का कृषि क्षेत्र पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है। यह वक्ताओं का पक्ष है और इस विषय पर सरकार का आधिकारिक दृष्टिकोण अलग हो सकता है।
ज्ञापन और शक्ति प्रदर्शन की घोषणा
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 15 जुलाई को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा जाएगा। ज्ञापन में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ प्रस्तावित इंडो-अमेरिका डील पर पुनर्विचार करने की मांग रखी जाएगी।
इसके अलावा 21 जुलाई को नई दिल्ली स्थित किसान घाट पर शक्ति प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा भी की गई। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
अगली बैठक बुलंदशहर में
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 14 जुलाई को बुलंदशहर में भारत बचाओ मोर्चा की अगली बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आगामी कार्यक्रमों और आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
आयोजकों का कहना है कि आगे की रणनीति विभिन्न किसान संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथ विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी।
विभिन्न संगठनों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में विभिन्न किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने किसानों के हितों, कृषि, रोजगार, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक का समापन किसानों के मुद्दों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाने तथा विभिन्न संगठनों के बीच समन्वय बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।
