रिपोर्टर : संदीप वर्मा
लोकेशन : बाराबंकी
बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र में ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 1008 के आगमन पर विभिन्न स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रमों के दौरान गौ संरक्षण और गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
विभिन्न स्थानों पर हुआ स्वागत
हैदरगढ़ में शंकराचार्य के आगमन पर ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार सिंह, डिम्पल सिंह, समाजवादी पार्टी के नेता गौतम रावत, टिंकू अवस्थी, पदुम रावत सहित अनेक लोगों ने उनका स्वागत किया। आयोजकों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और पुष्पमालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया।
इसके बाद विभिन्न स्थानों पर भी स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयघोष के बीच उनका स्वागत किया।
गौ संरक्षण पर दिया गया जोर
सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण के विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में विशेष स्थान रखती है तथा उसे उचित सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग दोहराते हुए कहा कि इस विषय पर जनजागरण अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जनप्रतिनिधियों ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में मौजूद सांसद तनुज पुनिया ने अपने संबोधन में कहा कि वे शंकराचार्य द्वारा उठाए गए गौ संरक्षण से जुड़े अभियान का समर्थन करते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक विचार व्यक्त करते हुए सरकार की नीतियों पर भी टिप्पणी की।
सिद्धौर में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के विधायक गौरव रावत, ब्लॉक अध्यक्ष अरविन्द वर्मा, देवेन्द्र सिंह मोनू, संजीव मिश्रा, संतशरण वर्मा, जसवंत रावत सहित अन्य लोगों ने भी शंकराचार्य का स्वागत किया।
अजौव्वा में हुआ धार्मिक कार्यक्रम
शंकराचार्य का काफिला बाद में अजौव्वा पहुंचा, जहां स्थानीय कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। यहां स्थित हनुमान कुटी मंदिर में पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था भी की गई।
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक और श्रद्धापूर्ण वातावरण बना रहा।
