रिपोर्टर : कबीर
लोकेशन : मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करीब 60 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि से जुड़ी कथित साइबर धोखाधड़ी के मामले में 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी संगठित साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड है। उस पर बीमा कंपनी के चेक में कथित कूटरचना कर राशि को फर्जी बैंक खातों में स्थानांतरित करने का आरोप है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
साइबर क्राइम थाना पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने अहतेशाम पुत्र इरफान, निवासी ग्राम कुटेसरा, थाना चरथावल को गिरफ्तार किया। आरोपी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बीमा राशि से जुड़ा है मामला
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2019 में हरिद्वार निवासी एक महिला ने एक बीमा कंपनी की पॉलिसी ली थी। बाद में प्रीमियम जमा न होने पर उन्होंने पॉलिसी बंद कर मैच्योरिटी राशि वापस लेने का अनुरोध किया। कंपनी द्वारा लगभग 60.37 लाख रुपये का चेक कूरियर के माध्यम से भेजा गया था।
जांच के दौरान आरोप सामने आया कि चेक लाभार्थी तक पहुंचने से पहले कथित रूप से गायब हो गया और उसमें कथित कूटरचना कर राशि को एक अन्य बैंक खाते में जमा कराया गया। इसके बाद धनराशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित किए जाने का आरोप है।
जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के अनुसार, बीमा कंपनी की आंतरिक जांच में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद मुजफ्फरनगर के साइबर क्राइम थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अब गिरफ्तार आरोपी को गिरोह का मुख्य संचालक माना जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
अन्य मामलों की भी जांच
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध मुजफ्फरनगर के अलावा दिल्ली के शाहीन बाग और साइबर साउथ ईस्ट थाना क्षेत्रों में भी साइबर धोखाधड़ी से संबंधित मामले दर्ज बताए गए हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, धन के लेन-देन और कथित साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
