सेक्टर-20 पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़े एक कथित धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। थाना सेक्टर-20 पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त कार्रवाई में दो डिलीवरी बॉय समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से लगभग 75 लाख रुपये मूल्य का कथित चोरी किया गया सामान बरामद किया गया है।
ऑनलाइन ऑर्डर में कथित हेराफेरी का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फ्लिपकार्ट, अमेजन सहित अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के महंगे ऑर्डर की डिलीवरी के दौरान कथित रूप से असली सामान निकालकर उसकी जगह सस्ता या नकली उत्पाद पैक कर देते थे। इसके बाद ग्राहक को बदला हुआ पैकेट मिल जाता था।
जब ग्राहकों को सामान की गुणवत्ता पर संदेह होता था, तो वे संबंधित कंपनी से शिकायत करते थे। शिकायत की पुष्टि होने पर कंपनियों को ग्राहकों को रिफंड या रिप्लेसमेंट देना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
ग्राहकों के साथ भी हो सकती थी धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार, कई मामलों में ग्राहकों को तुरंत यह पता नहीं चल पाता था कि उन्हें नकली या बदला हुआ उत्पाद मिला है। ऐसे में कुछ ग्राहक अनजाने में उन्हीं उत्पादों का उपयोग भी कर लेते थे।
पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल कंपनियों बल्कि उपभोक्ताओं के हितों को भी प्रभावित करती हैं।
भारी मात्रा में सामान और पैकिंग सामग्री बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने फ्लिपकार्ट और अमेजन के टैग, पैकिंग सामग्री, खाली पैकेट तथा बड़ी मात्रा में विभिन्न उत्पाद बरामद किए हैं। बरामद सामान में प्रोटीन सप्लीमेंट, ब्रांडेड जूते, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य महंगे उत्पाद शामिल बताए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री की सूची तैयार की जा रही है और उसके स्रोत की भी जांच की जा रही है।
मामले की जांच जारी
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था, किन-किन क्षेत्रों में इस तरह की कथित वारदातों को अंजाम दिया गया और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
निष्कर्ष
नोएडा पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़े कथित धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा होने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, दो डिलीवरी बॉय समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 75 लाख रुपये का सामान बरामद किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
