रिपोर्टर: ब्यूरो रिपोर्ट
स्थान: श्रावस्ती
छात्राओं से संवाद कर जाना उनका कुशलक्षेम
श्रावस्ती की जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने हरिहरपुररानी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनकी पढ़ाई और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने छात्राओं को मन लगाकर अध्ययन करने और अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई, शिक्षण व्यवस्था और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही विद्यालय प्रशासन को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भोजन और छात्रावास की व्यवस्थाएं परखी
डीएम ने छात्राओं को दिए जा रहे भोजन, नाश्ते एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रसोईघर का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि निर्धारित मीनू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा छात्रावास, कार्यालय, गैलरी और विद्यालय परिसर का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
स्वच्छता और अनुशासन पर दिया विशेष जोर
जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही सभी कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहकर पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए।
छात्राओं की सुविधाओं पर रखा विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित किया कि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने गरीब एवं जरूरतमंद बालिकाओं को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, पुस्तकें तथा यूनिफॉर्म जैसी सुविधाओं की भी जानकारी ली और व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।
“शिक्षा ही समाज के विकास की मुख्य कड़ी”
इस अवसर पर जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कहा कि “शिक्षा ही समाज के विकास की मुख्य कड़ी है। छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ना चाहिए।” उन्होंने विद्यालय प्रशासन से छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार ध्यान देने को कहा।
