Homeउत्तर प्रदेशबागपत की बेटियों ने राष्ट्रीय वूशू प्रतियोगिता में लहराया परचम, गांव पहुंचने...

बागपत की बेटियों ने राष्ट्रीय वूशू प्रतियोगिता में लहराया परचम, गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

रिपोर्ट : सुदेश वर्मा

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की बेटियों ने एक बार फिर खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिले के बिनौली क्षेत्र की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर की वूशू प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्पोर्ट्स इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय वूशू प्रतियोगिता में बिनौली की चंचल वर्मा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। वहीं चांदनी वर्मा ने वूशू सांडा प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

बेटियों की इस सफलता से परिवार, गांव और पूरे जिले में गर्व का माहौल देखने को मिल रहा है। गांव लौटने पर दोनों खिलाड़ियों का ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने बेटियों की उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया।

राष्ट्रीय स्तर पर दिखाया दम

राष्ट्रीय वूशू प्रतियोगिता में देशभर से पहुंचे खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद कठिन रहा, लेकिन बागपत की बेटियों ने आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर शानदार प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता के दौरान चंचल वर्मा ने अपने मुकाबलों में बेहतरीन तकनीक और संयम का प्रदर्शन किया। उनके दमदार खेल की बदौलत उन्होंने सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। वहीं चांदनी वर्मा ने भी शानदार मुकाबले खेलते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी प्रतियोगिता में पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें भविष्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

गांव पहुंचने पर हुआ जोरदार स्वागत

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर जब दोनों बेटियां अपने गांव पहुंचीं तो ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला गया और फूल-मालाएं पहनाकर खिलाड़ियों का सम्मान किया गया।

गांव के लोगों ने कहा कि बेटियों ने पूरे बागपत जिले का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और खेल जगत में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

स्थानीय लोगों ने खिलाड़ियों के माता-पिता और कोच को भी बधाई दी। उनका कहना था कि कठिन मेहनत और लगातार अभ्यास के कारण ही बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर पाईं।

बेटियों की सफलता बनी प्रेरणा

चंचल वर्मा और चांदनी वर्मा की सफलता अब क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बेटियों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।

खेल प्रेमियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच देने की होती है। बागपत की बेटियों ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है।

परिवार में खुशी का माहौल

बेटियों की इस उपलब्धि से परिवार में भी खुशी का माहौल है। परिजनों ने कहा कि लगातार मेहनत और अनुशासन के कारण ही यह सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि बेटियां लंबे समय से वूशू खेल की तैयारी कर रही थीं और अब उनकी मेहनत रंग लाई है।

परिवार के लोगों ने कहा कि आगे भी बेटियां इसी तरह मेहनत करती रहेंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगी।

खेलों को बढ़ावा देने की मांग

ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ी आगे आ सकें।

उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ियों को अच्छी ट्रेनिंग, संसाधन और आर्थिक सहायता मिले तो जिले के कई युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।

जिले के लिए गर्व का क्षण

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतना बागपत जिले के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बेटियों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक साबित होगी।

बागपत की बेटियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह संदेश दिया है कि मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments