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गैर जमानती वारंट से बीएसए संदीप कुमार की बढ़ीं मुश्किलें, 12 अक्टूबर को कोर्ट में पेश करने के निर्देश

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जानलेवा हमले समेत गंभीर धाराओं में विचाराधीन मुकदमे में अदालत में पेश नहीं होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारी को बीएसए को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए हैं।

मामला नई मंडी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। न्यायालय के आठ अक्टूबर के आदेश के मुताबिक मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 323, 354बी, 452, 504 और 506 के तहत सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान बीएसए संदीप कुमार अदालत में उपस्थित नहीं हुए।

समन की व्यक्तिगत तामील, फिर भी नहीं पहुंचे कोर्ट

अदालत ने आदेश में कहा है कि पत्रावली में मौजूद बयान और नोटिस संख्या-10 से स्पष्ट है कि संदीप कुमार को 18 सितंबर 2026 की निर्धारित तारीख के लिए समन की व्यक्तिगत रूप से तामील कराई जा चुकी थी। इसके बावजूद वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।

समन की व्यक्तिगत तामील के बाद भी अदालत में पेशी नहीं होने को न्यायालय ने गंभीरता से लिया। इसके बाद गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

सीओ सिटी को भी भेजी गई आदेश की प्रति

न्यायालय ने आदेश की प्रति संबंधित क्षेत्राधिकारी नगर एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा को भेजने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि वारंट की तामील और अदालत के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा सके। अब 12 अक्टूबर को संदीप कुमार की न्यायालय में पेशी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गंभीर धाराओं में चल रहा है मुकदमा

जिस मुकदमे में यह कार्रवाई हुई है, उसमें जानलेवा हमले समेत कई गंभीर धाराएं लगी हैं। अदालत के आदेश के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और निर्धारित तारीख पर अदालत में पेशी पर नजर रहेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में बीएसए संदीप कुमार का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका सीयूजी नंबर रिसीव नहीं हुआ। इसलिए उनका पक्ष रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जा सका।

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