रिपोर्ट: कबीर
स्थान: मुजफ्फरनगर
बाल श्रम मुक्त अभियान के तहत संयुक्त छापेमारी
मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश सरकार के बाल श्रम मुक्त अभियान के तहत श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाकर 15 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। अधिकारियों के अनुसार इनमें 6 बच्चे प्रतिबंधित एवं खतरनाक श्रेणी के कार्यों में लगे पाए गए, जिनके मामले में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
होटल, ढाबों और फैक्ट्रियों में चला अभियान
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (अपराध) इंदू सिद्धार्थ तथा सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने शहर के होटल, ढाबों, फैक्ट्रियों और दुकानों पर निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान ईशा बेकरी, अरमान होटल और हयात होटल सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जहां बाल श्रम के मामले पाए गए, वहां संबंधित संचालकों को नोटिस जारी करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई।
कई क्षेत्रों में हुई जांच
संयुक्त टीम ने भोपा रोड, आर्य समाज रोड, रेलवे स्टेशन रोड और भोपा बस स्टैंड क्षेत्र में भी अभियान चलाया। इस दौरान 9 किशोर श्रमिक चिन्हित किए गए। अधिकारियों ने उनके संबंध में निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
31 अगस्त तक जारी रहेगा अभियान
श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह ने बताया कि बाल श्रम मुक्त अभियान 31 अगस्त तक लगातार चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य बाल श्रम पर प्रभावी रोक लगाना और बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
कानून का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत संबंधित सेवायोजक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों से बाल श्रम से दूर रहने और कानून का पालन करने की अपील की।
बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर जोर
जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था के प्रतिनिधि गजेंद्र सिंह ने कहा कि संस्था प्रशासन के सहयोग से मुक्त कराए गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
कई विभागों ने मिलकर चलाया अभियान
इस अभियान में श्रम विभाग, मानव तस्करी विरोधी थाना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के अधिकारी और कर्मचारी संयुक्त रूप से शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
