650 रुपये का पेट्रोल डलवाकर QR कोड पर भेजे 65 हजार, फिर पेट्रोल पंप से नकदी लेकर हुए फरार! दूसरे पंप पर 2.08 लाख रुपये का फर्जी ट्रांजेक्शन कर निकाले 1.38 लाख रुपये
रिपोर्ट – ओमप्रकाश
चित्रकूट। साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने पेट्रोल पंप के मर्चेंट QR कोड को ठगी का जरिया बना लिया। पहले पेट्रोल पंप के खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर कराए और फिर रकम को गलती से भेजा गया पैसा बताकर नकद वापस ले लिया। मामले में रैपुरा पुलिस और साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
चित्रकूट के थाना रैपुरा क्षेत्र में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए। पहली घटना कमला फिलिंग स्टेशन देउधा की है, जहां आरोपियों ने महज 650 रुपये का पेट्रोल डलवाया, लेकिन पेट्रोल पंप के QR कोड पर 65 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद फोन पर गलती से पैसा भेजे जाने का बहाना बनाकर 64 हजार 350 रुपये नकद वापस ले लिए।
वहीं दूसरी घटना रैपुरा फिलिंग स्टेशन बोड़ीपोखरी की है। यहां 70 हजार 495 रुपये का डीजल लेने के बाद QR कोड के माध्यम से 2 लाख 8 हजार 696 रुपये ट्रांसफर कराए गए और करीब 1 लाख 38 हजार 200 रुपये नकद निकाल लिए गए।
दोनों घटनाओं के बाद पेट्रोल पंपों के बैंक खाते साइबर फ्रॉड की शिकायतों के चलते होल्ड ह
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में साइबर सेल और थाना रैपुरा पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने 4 नवंबर को बंधाना मोड़, जयन्ती बांध के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिद्धार्थ आदिवासी, प्रियांशु और नितिन प्रताप सिंह निवासी कौंधियारा, प्रयागराज के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे पिछले तीन महीने से प्रयागराज के कौंधियारा, हंडिया और नैनी समेत विभिन्न क्षेत्रों में इसी तरीके से ठगी की रकम पेट्रोल पंपों के जरिए नकदी में बदल रहे थे। इसके बदले उन्हें हर ट्रांजेक्शन पर 2 से 3 हजार रुपये और पेट्रोल दिया जाता था।
साइबर सेल की तकनीकी जांच में सामने आया कि रैपुरा फिलिंग स्टेशन पर की गई ठगी की रकम राजस्थान के जैसलमेर से हैक किए गए मोबाइल के जरिए भेजी गई थी, जबकि देउधा पेट्रोल पंप पर तमिलनाडु के चेंगलपट्टू से हैक किए गए मोबाइल के जरिए 65 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
पुलिस ने दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी सीज किया है। इस मामले में राज मिश्रा और आलोक शुक्ला समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
साइबर अपराधियों ने अब पेट्रोल पंपों के QR कोड को भी ठगी और काले धन को नकदी में बदलने का माध्यम बना लिया है। ऐसे में सवाल है कि आखिर मोबाइल हैकिंग और फर्जी ट्रांजेक्शन के इस संगठित नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं? पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
चित्रकूट पुलिस की इस कार्रवाई ने साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।
