रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। खालापार के मीनाक्षी चौक स्थित शहीद चौक अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वर्ष 1976 के गोलीकांड में शहीद हुए लोगों की स्मृति में बनाए गए इस चौक की हालत ऐसी हो गई है कि यहां शहीदों को सम्मान देने के बजाय चारों तरफ गंदगी, अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। चौक के अंदर और बाहर कूड़ा-करकट फैला है, जबकि कबाड़ियों ने लकड़ी की चौखट, किवाड़ और अन्य सामान रखकर इसके आसपास अतिक्रमण कर रखा है।
हैरानी की बात यह है कि सड़क की ओर लगाए गए बड़े-बड़े बिजली के ट्रांसफार्मरों के कारण शहीद चौक की पहचान तक छिप गई है। रात के समय यहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में शहीदों की स्मृति से जुड़े इस स्थल की अनदेखी नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
इस समस्या को लेकर आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ मोहम्मद यूसुफ उर्फ गुड्डू ने नगर पालिका के कार्यपालक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहीद चौक केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि 1976 के गोलीकांड में शहीद हुए लोगों की याद और स्थानीय जनता की भावनाओं से जुड़ा स्मारक है। इसकी बदहाली शहीदों के सम्मान के साथ खिलवाड़ है।
ज्ञापन में चौक के अंदर और बाहर से कूड़ा हटवाने, कबाड़ियों का अतिक्रमण हटाने, विद्युत विभाग से समन्वय कर ट्रांसफार्मरों को दूसरी जगह स्थापित कराने और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने की मांग की गई है। साथ ही चौक के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत बजट के अनुसार जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग उठाई गई है।
मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि शहीदों की स्मृति से जुड़े इस स्थल को उपेक्षा के हवाले नहीं छोड़ा जा सकता। नगर पालिका को बिना देरी किए इसकी साफ-सफाई, व्यवस्था और सौंदर्यीकरण पर काम शुरू करना चाहिए, ताकि शहीद चौक को उसका सम्मान वापस मिल सके।
