रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने जिला कारागार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। दोनों अधिकारियों ने पुरुष और महिला बैरकों से लेकर रसोईघर, अस्पताल, कार्यालय और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को बंदियों की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने सबसे पहले पुरुष और महिला बैरकों का निरीक्षण किया। इसके बाद रसोईघर पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की व्यवस्था देखी। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बंदियों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए और रसोईघर में विशेष सफाई व्यवस्था रखी जाए।
डीएम और एसएसपी ने पुरुष एवं महिला बंदियों से सीधे बातचीत कर जेल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। बंदियों की समस्याओं के बारे में भी पूछा गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके बाद कारागार परिसर और कार्यालय का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति देखी गई। मुलाकाती रजिस्टर का भी अवलोकन किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए जेल में लगी जैमर प्रणाली और सीसीटीवी कैमरों को भी चेक किया गया।
अधिकारियों ने जेल परिसर में स्थित अस्पताल का भी निरीक्षण किया। यहां दवाइयों की उपलब्धता, ओपीडी और बंदियों को मिल रही उपचार सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निर्देश दिए गए कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने जिला कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप बंदियों को मिलने वाली सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। शातिर बंदियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और जेल परिसर के भीतर किसी भी प्रतिबंधित सामग्री को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत रखा जाए। जेल परिसर में साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने जिला कारागार में तैनात पुलिस बल को ड्यूटी के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरतने को कहा।
