रिपोर्ट -शुभम सिंह
बांदा। उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं की 15 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आगामी 14 नवंबर को लखनऊ में आयोजित होने वाले प्रदेशव्यापी विशाल प्रदर्शन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में बांदा स्थित अधिवक्ता संघ कार्यालय में एक महत्वपूर्ण रणनीति बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमल सिंह ने की, जिसमें जनपद भर के अधिवक्ताओं और वरिष्ठ वकीलों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लखनऊ में होने वाले इस आंदोलन में बांदा से अधिवक्ताओं का एक बड़ा जत्था हिस्सा लेगा। अध्यक्ष विमल सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के हितों और अधिकारों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार और शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए 14 नवंबर को लखनऊ की धरती पर पूरे प्रदेश के वकील एकजुट होकर अपनी बुलंद आवाज उठाएंगे।
बैठक में उपस्थित वकीलों ने आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए लखनऊ पहुंचने के साधनों, बसों की व्यवस्था और जनसंपर्क अभियान को लेकर जिम्मेदारी तय की। अधिवक्ताओं का कहना है कि सुरक्षा, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट, वकीलों के कल्याण कोष और मानदेय सहित 15 सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी जाएगी कि यदि मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। बैठक का समापन 14 नवंबर के प्रदर्शन को ऐतिहासिक और शत-प्रतिशत सफल बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
