रिपोर्ट – शुभम सिंह
बांदा। दीपावली के पावन पर्व पर बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन ने इंसानियत और सामाजिक सरोकार की एक अनूठी मिसाल पेश की है। संस्था के संस्थापक प्रवीण सिंह के नेतृत्व में शहर के विभिन्न मोहल्लों और बस्तियों में पहुंचकर गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवारों के बीच 200 दीपावली किट का वितरण किया गया। इस मानवीय पहल का उद्देश्य उन परिवारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरना था, जो आभाव के चलते त्योहारी खुशियों से वंचित रह जाते हैं।
जरूरतमंदों के घरों में पहुंचीं खुशियां
आम तौर पर दीपावली का त्योहार दीपों, रोशनी और मिठाइयों के साथ खुशियां लेकर आता है, लेकिन समाज का एक तबका ऐसा भी है जिसके लिए दो वक्त की रोटी जुटाना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन की यह पहल उनके लिए किसी बड़े उपहार से कम नहीं थी। फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर या जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर दीपावली किट भेंट की, जिसमें जरूरत का सामान और त्योहारी सामग्री शामिल थी। संस्था के इस संवेदनशील कदम से न सिर्फ गरीबों के घरों में दीये जले, बल्कि उनके चेहरों पर सच्ची मुस्कान भी देखने को मिली।
सामाजिक सरोकार को समर्पित है संस्था
फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण सिंह ने इस अवसर पर कहा कि असली दीपावली तभी सार्थक होती है जब समाज के हर वर्ग और हर व्यक्ति के जीवन में खुशियों का प्रकाश पहुंचे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन हमेशा से सामाजिक सरोकारों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इस प्रकार के आयोजन न केवल समाज में आपसी भाईचारा और प्रेम की भावना को मजबूत करते हैं, बल्कि दूसरों को भी जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित करते हैं।
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने फाउंडेशन के इस सराहनीय कार्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। इस अनूठी पहल ने बांदा शहर में यह संदेश दिया कि यदि समाज के सक्षम लोग आगे आएं, तो त्योहारों की खुशियों से कोई भी वंचित नहीं रहेगा।
