रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ का धरना शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा। जिला महिला चिकित्सालय में धरने पर बैठे कुछ चिकित्सकों की ड्यूटी आपातकालीन सेवाओं में लगाकर वापस बुलाए जाने पर कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ गया। आक्रोशित संविदा कर्मियों ने अस्पताल पहुंचकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया।
12 हजार कर्मचारियों के आंदोलन में उतरने की चेतावनी
संविदा कर्मचारियों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से चेतावनी पत्र जारी किए जाने के मामले में कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रविंद्र नागर ने सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया से वार्ता की। उन्होंने कहा कि यदि संविदा कर्मियों के खिलाफ नियमविरुद्ध कार्रवाई हुई, तो परिषद के करीब 12 हजार कर्मचारी उनके समर्थन में आंदोलन में शामिल होंगे।
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि संविदा कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और उनके मानदेय में वृद्धि होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं। इसमें उनका कोई व्यक्तिगत उद्देश्य नहीं है।
चार घंटे की वार्ता बेनतीजा, आंदोलन जारी
जिला अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने बताया कि प्रदेश पदाधिकारियों की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जावल के साथ गुरुवार रात आठ बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक वार्ता हुई। कई मुद्दों पर चर्चा के बावजूद कुछ बिंदुओं पर सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
डॉ. सुदेश वर्मा ने उम्मीद जताई कि शुक्रवार रात तक सरकार की ओर से सकारात्मक घोषणा हो सकती है। कर्मचारियों ने कहा कि मांगों का समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
धरने में डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. राकेश बंसल, डॉ. आलोक प्रताप, डॉ. आमिर, डॉ. रमाशंकर, डॉ. भावना, डॉ. अंजू, सबीना नाज, अतुल भारद्वाज, नुसरत, डिंपल, वैशाली, रचना शर्मा, बबीता, संजय, सिकंदर, अनिल, ओमपाल, घनश्याम, शिवकुमार, इजहार अली, सलीम सहित सैकड़ों संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।
