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महिला सशक्तीकरण पर विचार गोष्ठी एवं संवाद का आयोजन

जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का किया शुभारम्भ

रिपोर्ट – शारिक खान

रामपुर। प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर महिला कल्याण विभाग द्वारा विकास भवन परिसर में महिला सशक्तीकरण पर विचार गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मा0 नगर विधायक आकाश सक्सेना, मा0 राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सुनीता सैनी, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी एवं नगर पालिका परिषद रामपुर अध्यक्ष श्रीमती सना मामून द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

लैपटॉप वितरण एवं कन्या जन्मोत्सव का आयोजन

इस दौरान कोविड-19 महामारी में निराश्रित/अनाथ हुए बच्चों, जो मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड के अंतर्गत स्वीकृत हैं, उनकी शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने हेतु 4000 रुपये प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत लाभान्वित ऐसे बच्चे जो कक्षा-09 या उससे ऊपर की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उन्हें मा0 नगर विधायक, मा0 राज्य महिला आयोग सदस्य, जिलाधिकारी एवं नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा लैपटॉप वितरित किए गए। साथ ही कार्यक्रम में कन्या जन्मोत्सव भी मनाया गया।

महिला सशक्तीकरण को जन-जन तक पहुंचाने पर बल

मा0 नगर विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी महिला सशक्तीकरण से जोड़ने की दिशा में गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।

महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण हेतु योजनाओं का लाभ

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि विभाग द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनपद स्तर पर व्यापक लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, स्पॉन्सरशिप योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निरंतर लाभान्वित किया जा रहा है।

महिलाओं की प्रगति से ही विकसित भारत का निर्माण

मा0 राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सुनीता सैनी ने कहा कि देश की बेटियां और महिलाएं आगे बढ़ेंगी तभी विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के माध्यम से ही महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी का स्वरूप माना जाता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों को सभी ने सराहा।

अधिकारियों ने भी रखे अपने विचार

इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सुश्री ईरा आर्या एवं वन स्टॉप सेंटर संचालिका श्रीमती चांद बी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए महिला सशक्तीकरण एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।

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