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बांदा में बायो फ्लॉक तकनीक से आत्मनिर्भर बन रहीं ग्रामीण महिलाएं, आधुनिक मछली पालन से बढ़ रही आय

रिपोर्ट: शुभम सिंह

स्थान: बांदा

बायो फ्लॉक तकनीक से मिल रहा रोजगार

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत बांदा जिले में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से बायो फ्लॉक तकनीक आधारित आधुनिक मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल से महिलाएं स्वरोजगार के साथ बेहतर आय भी अर्जित कर रही हैं।

350 महिलाओं को मिला प्रशिक्षण

प्रशासन के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 350 महिलाओं का चयन कर उन्हें आधुनिक मछली पालन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान में नरैनी, बबेरू, बिसंडा और बड़ोखर खुर्द ब्लॉकों के 19 महिला स्वयं सहायता समूह इस परियोजना से जुड़े हैं।

82 बायो फ्लॉक टैंक स्थापित

परियोजना के तहत जिले में 82 बायो फ्लॉक टैंक स्थापित किए गए हैं। इनमें बबेरू में 50, बिसंडा में 22 और नरैनी में 10 टैंक संचालित किए जा रहे हैं। इन टैंकों में सीमित स्थान में वैज्ञानिक तरीके से मछली उत्पादन किया जा रहा है।

विपणन की जिम्मेदारी निजी कंपनी के पास

महिलाओं को विपणन संबंधी परेशानियों से बचाने के लिए सरकार द्वारा नामित एक निजी कंपनी को मछली उत्पादन से लेकर बिक्री तक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे महिलाओं को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने के साथ बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को गांव में ही रोजगार का अवसर मिल रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह योजना महिलाओं की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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