रिपोर्टर: कबीर
शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे कैबिनेट मंत्री
मुजफ्फरनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) शिवदत्त प्रजापति की ड्यूटी के दौरान गोली लगने से हुई मृत्यु के बाद उनके पैतृक गांव भोपा में शोक का माहौल है। रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार शोक संतप्त परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे। उन्होंने दिवंगत जवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
शहीद का दर्जा दिलाने की मांग उठाने का आश्वासन
परिवार से मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वह इस पूरे प्रकरण पर केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि परिवार की ओर से शिवदत्त प्रजापति को शहीद का दर्जा देने की मांग की गई है, तो उसे गंभीरता से संबंधित स्तर पर उठाया जाएगा और सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
यह बयान कैबिनेट मंत्री द्वारा व्यक्त आश्वासन पर आधारित है।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
शनिवार शाम बीएसएफ जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही भोपा पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और परिजनों ने मोरना मार्ग पर जाम लगाकर शिवदत्त प्रजापति को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक वार्ता चली। बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग संबंधित स्तर तक पहुंचाई जाएगी।
इसके बाद देर रात भोपा श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ दिवंगत जवान का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बारामुला में ड्यूटी के दौरान हुई घटना
जानकारी के अनुसार, भोपा निवासी 56 वर्षीय शिवदत्त प्रजापति सीमा सुरक्षा बल में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर तैनात थे। शुक्रवार सुबह जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के बोनियार क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से उनका निधन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर फैल गई।
फिलहाल घटना किन परिस्थितियों में हुई, इस संबंध में संबंधित सुरक्षा एजेंसियों द्वारा नियमानुसार प्रक्रिया जारी है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दिवंगत शिवदत्त प्रजापति अपने पीछे पत्नी राजेश, दो पुत्र शिवकुमार और अजय कुमार तथा वृद्ध माता शीलो को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग लगातार उनके घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
कैबिनेट मंत्री के साथ रालोद मंडल अध्यक्ष प्रभात तोमर उर्फ गुड्डू, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति, अरविंद अहलूवालिया सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
शहीद का दर्जा देने की मांग पर सबकी निगाहें
गांव और क्षेत्र के लोगों की ओर से शिवदत्त प्रजापति को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक केंद्र या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।
निष्कर्ष
बारामुला में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले बीएसएफ एएसआई शिवदत्त प्रजापति के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई है। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए मांग को संबंधित स्तर पर उठाने की बात कही है। मामले में किसी भी आधिकारिक निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
