मिलक की रेखा और बिलासपुर के विपिन को मिली फौरी राहत
डीएम बोले-गरीबों की मदद प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता
रिपोर्ट – शारिक खान

रामपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दर्शन महज शिकायतों को सुनने का मंच नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए संजीवनी साबित हुआ। जिलाधिकारी श्री अजय कुमार द्विवेदी ने फरियादियों की पीड़ा को न सिर्फ पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना, बल्कि तत्काल प्रभाव से दो दुर्घटना पीड़ितों के परिजनों को रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी मुहैया कराई।
नम आंखों से सुनाई थी पति और भाई के हादसे की दास्तां
बीते 10 मार्च 2026 को आयोजित जनता दर्शन में तहसील मिलक के ग्राम रहसैना निवासी रेखा अपनी गुहार लेकर पहुंची थीं। उन्होंने डीएम को बताया कि उनके पति सड़क हादसे का शिकार हो गए हैं। निजी अस्पताल में चल रहे महंगे इलाज के कारण उनके परिवार की आर्थिक कमर टूट चुकी है और अब इलाज जारी रखना असंभव हो रहा है। इसी दिन तहसील बिलासपुर के ग्राम मुन्डिया मनकरा निवासी विपिन भी जनता दर्शन में पहुंचे थे। विपिन ने अपने भाई अशोक के सड़क दुर्घटना में घायल होने और इलाज के लिए पैसों की कमी की बेबसी जिलाधिकारी के सामने रखी थी।
रेड क्रॉस सोसाइटी बनी संकटमोचक, डीएम ने सौंपे चेक
दोनों मामलों की गंभीरता और परिजनों की पीड़ा को देखते हुए डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने बिना किसी देरी के रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही जिलाधिकारी ने स्वयं तहसील मिलक की रेखा को उनके पति के इलाज के लिए 25,000 रुपये और बिलासपुर के विपिन को उनके भाई के इलाज के लिए 25,000 रुपये का चेक प्रदान किया। संकट की इस घड़ी में रेड क्रॉस से मिली इस त्वरित मदद से दोनों परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
अधिकारियों को दो टूकः पारदर्शी हो निस्तारण, न काटने पड़ें चक्कर
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य प्रयास जनता दर्शन में आने वाले हर जरूरतमंद की समस्या का त्वरित और ठोस समाधान करना है। गरीब, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। डीएम ने मातहत अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। आमजन को बेवजह सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है।

