रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित निर्मोही अखाड़ा आश्रम के एक साधु से गऊशाला के लिए जमीन दिलाने के नाम पर करीब 28 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने खुद को लेखपाल बताकर और अन्य लोगों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। पीड़ित साधु ने मामले की शिकायत सीओ भोपा से करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
भोपा थाना क्षेत्र के शुकतीर्थ स्थित निर्मोही अखाड़ा आश्रम के साधु विष्णुदास महाराज ने सोमवार को मोरना स्थित सीओ भोपा कार्यालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने गऊशाला बनाने के उद्देश्य से ग्राम बघरा में अपनी पुश्तैनी जमीन बेच दी थी। जमीन बिकने के बाद उनके पास पर्याप्त धनराशि आ गई थी, जिसे वे गौसेवा के कार्य में लगाना चाहते थे।
आरोप है कि गांव सीकरी निवासी एक व्यक्ति ने उन्हें सीकरी के जंगल क्षेत्र में करीब 40 बीघा जमीन दिखाई और दावा किया कि वहां यूकेलिप्टस के पेड़ खड़े हैं तथा यह जमीन गऊशाला बनाने के लिए उपयुक्त है। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह यह जमीन उनके नाम करा देगा।
बताया गया कि आरोपी ने 17 फरवरी को साधु से 25 लाख रुपये और 27 फरवरी को 3 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। इस तरह कुल 28 लाख 50 हजार रुपये की रकम ले ली गई। आरोप है कि 18 मार्च 2026 को एक व्यक्ति, जो खुद को पटवारी बता रहा था, के कहने पर जमीन का एक ठेकानामा नोटरी के माध्यम से तैयार करा दिया गया।
कुछ दिन बाद जब साधु विष्णुदास महाराज जमीन की देखरेख के लिए गांव सीकरी पहुंचे तो वहां एक व्यक्ति खेत में सिंचाई करता मिला। पूछताछ करने पर उसने बताया कि यह जमीन वह करीब 15 दिन पहले खरीदकर बैनामा करा चुका है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि सीकरी गांव में इस नाम का कोई व्यक्ति रहता ही नहीं है।
यह सुनते ही साधु को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। आरोप है कि फर्जी लेखपाल बने व्यक्ति ने दाखिल-खारिज कराने के नाम पर उनसे 26 हजार रुपये अलग से ले लिए थे। पीड़ित साधु का कहना है कि जिस समय रकम दी गई थी, उस दौरान भोकरहेड़ी निवासी एक व्यक्ति सहित अन्य लोग भी आश्रम में मौजूद थे और रुपये देने का वीडियो भी उनके पास मौजूद है।
पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
सीओ भोपा देवव्रत वाजपेई का कहना है कि मामले में उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

