रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर मंगलवार को जनपद न्यायालय परिसर से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का उद्देश्य लोगों को लोक अदालत के महत्व और इसके माध्यम से मिलने वाले त्वरित व सुलभ न्याय के बारे में जागरूक करना रहा।
रैली को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश बिरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जहां विवादों का समाधान आपसी समझौते के आधार पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में फैसले के बाद हार-जीत का कोई सवाल नहीं रह जाता, क्योंकि दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करते हैं। इससे न केवल आपसी सौहार्द बना रहता है बल्कि लोगों का कीमती समय और धन भी बचता है।
उन्होंने बताया कि 14 मार्च 2026, शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक मामलों, एनआई एक्ट की धारा 138, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, टेलीफोन, बिजली और पानी के बिल से जुड़े विवाद, वैवाहिक मामले, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद और अन्य सिविल मामलों का निस्तारण किया जाएगा। यह लोक अदालत दीवानी न्यायालय परिसर मुजफ्फरनगर, बाह्य न्यायालय बुढाना, ग्राम न्यायालय जानसठ, ग्राम न्यायालय खतौली तथा कलेक्ट्रेट मुजफ्फरनगर में आयोजित होगी।
कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने लंबित मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत कर आपसी समझौते के माध्यम से शीघ्र समाधान प्राप्त करें।
इस अवसर पर अपर जिला जज सीताराम, कनिष्क कुमार सिंह, काशिफ शेख, रेखा सिंह, दिव्या भार्गव, मंजुला भलोटिया, कमलापत्ति प्रजापति, रवि कुमार दिवाकर (नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत), अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. देवेंद्र सिंह फौजदार, डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी (सिविल जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) तथा अपर सिविल जज सोनम गुप्ता सहित जनपद के सभी न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
रैली के माध्यम से शहर में विभिन्न स्थानों पर लोगों को लोक अदालत के बारे में जानकारी दी गई और अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए जागरूक किया गया।

