रिपोर्ट – हरीश


हमीरपुर। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक/प्रभारी सहायक लेखाकार सैय्यद मुहम्मद अहमद द्वारा प्रयोगशाला के बगैर संचालन के बजट का उपयोग करने, बहुउद्देशीय सचल वाहन चालकों के मानदेय में अनियमितता करने आदि के आरोप में अपर निदेशक द्वितीय पशुपालन विभाग चित्रकूट धाम मंडल बांदा ने निलंबित करके मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बांदा कार्यालय में सम्बद्ध करके जांच मुख्य पशु चिकित्साधिकारी महोबा को सौंपी है।
अपर निदेशक द्वितीय पशुपालन विभाग चित्रकूट धाम मंडल बांदा डा. अशोक कुमार द्वारा 25 फरवरी को जारी किए गए निलम्बन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मुख्य विकास अधिकारी हमीरपुर के पत्र संख्या 1285, दिनांक 21 फरवरी के क्रम में वरिष्ठ सहायक सैय्यद मुहम्मद अहमद को बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति के भुगतान आहरण स्वीकृत करने, क्रय प्रक्रिया में अनियमितता बरतने, प्रयोगशाला के वास्तविक संचालन न होने के बाद बजट का आहरण करने, कार्यालय अभिलेखों में छेड़छाड़ करने तथा सचल वाहन चालकों के मानदेय में अनियमितता पाए जाने के क्रम में तत्काल प्रभाव से निलंबित करके मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बांदा के कार्यालय में सम्बद्ध करके जांच महोबा के पशु चिकित्साधिकारी डा. रंजन सिंह को सौंपी गई। इस कार्यवाही में पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया है। निलंबित सहायक लेखाकार करीब तीन दशक से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात था। प्रथम दृष्टया जांच में कई लाख का घोटाला सामने आया है।
