रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर। स्थानीय थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर शाश्वत हॉस्पिटल के प्रबंधक, तत्कालीन डॉक्टर एवं एक महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई प्रसूता की मौत के मामले में लापरवाही के आरोपों को लेकर की गई है।
पीड़ित सुनील कुमार पुत्र नंदू राम, निवासी ग्राम देवा बैरापुर (थाना जमानियां), हाल पता ग्राम गहमर ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 25 सितंबर को उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी ममता शर्मा को प्रसव के लिए दिलदारनगर स्थित शाश्वत हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। अस्पताल को परिचित और भरोसेमंद बताते हुए दोपहर करीब 12 बजे पत्नी को भर्ती कराया गया।
आरोप है कि भर्ती के बाद डॉक्टर द्वारा कुछ पैसे लेने के पश्चात बिना उचित जानकारी दिए संबंधित महिला वहां से चली गई। 5/6 सितंबर की रात करीब 2:20 बजे डॉक्टर द्वारा प्रसव कराया गया, लेकिन लापरवाही के कारण प्रसूता का ब्लड प्रेशर और रक्तस्राव नियंत्रित नहीं हो सका। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने घबराकर महिला को बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी और रास्ते में ही प्रसूता की मौत हो गई।
पीड़ित ने मामले में अस्पताल प्रशासन और तत्कालीन डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए 23 सितंबर को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए दिलदारनगर थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए।
न्यायालय के निर्देश पर स्थानीय थाना पुलिस ने शाश्वत हॉस्पिटल के प्रबंधक, तत्कालीन डॉक्टर एवं विमला गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
