ब्यूरो: कबीर
मुज़फ्फ़रनगर। जनपद के भोपा रोड स्थित इवान हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही, गलत उपचार और समय पर उचित सुविधा न देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अस्पताल के बाहर जमा हो गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
परिजनों का आरोप है कि मृतक को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, मगर चिकित्सकों ने न तो मरीज की ठीक से देखभाल की और न ही समय पर सही दवाइयाँ उपलब्ध कराईं। परिजनों ने कहा कि बार-बार ध्यान दिलाने के बावजूद डॉक्टरों ने लापरवाही की, जिसके चलते उनके परिजन की साँसें हमेशा के लिए थम गईं। मृतक का भाई फूट-फूट कर रो पड़ा और उसने अस्पताल प्रबंधन पर सीधे तौर पर मौत की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
घटना की सूचना पर भारतीय किसान यूनियन के नेता और कार्यकर्ता तुरंत अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। किसान नेताओं ने कहा कि निजी अस्पताल मनमानी पर उतर आए हैं और पैसों के लालच में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मृतक परिवार को न्याय नहीं मिलता और दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। यदि प्रशासन ने मांगों को नजरअंदाज किया तो आंदोलन बड़े स्तर पर होगा।
धरना स्थल पर बढ़ते आक्रोश और भीड़ को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी तथा जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजन इस बात पर अड़े हैं कि केवल जांच का आश्वासन काफी नहीं है, बल्कि उन्हें न्याय का ठोस परिणाम चाहिए।
यह प्रकरण एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यशैली, आरोपित व्यावसायिक मॉडल और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों ने भी मांग की कि स्वास्थ्य विभाग इन अस्पतालों की नियमित जांच करे ताकि इस प्रकार की घटना दोबारा न हो।
चिकित्सा अधिकारी, डॉ. विपिन कुमार
मुझे इसके बारे में सूचना प्राप्त हुई थी इसके लिए मैं जांच करने के लिए आया और डॉक्टर साहब और परिवार से भी मेरी बातचीत हुई कुला बदलने के दौरान ऑपरेशन के दौरान उसकी मृत्यु हो गई तुरंत कहना तो कोई संभव नहीं है फाइल की कॉपी ले ली है और जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा
रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
मृतक का भाई
दुखी स्वर में उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से हुई है। डॉक्टरों ने इलाज में देरी की और गलत दवाइयाँ दीं। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और परिवार को उचित मुआवजे की मांग की।
किसान यूनियन नेता
नेता का कहना है कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग निजी अस्पतालों में शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस अस्पताल के खिलाफ कड़े एक्शन की मांग की और चेतावनी दी कि यदि आवाज को दबाने की कोशिश की गई तो आंदोलन और व्यापक स्वरूप लेगा।
यह घटना स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है। प्रशासनिक तंत्र से अपेक्षा है कि वह इस दर्दनाक घटना को एक उदाहरण बनाते हुए संबंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्यवाही को सुनिश्चित करेगा, ताकि भविष्य में कोई अन्य परिवार इस तरह के दर्द से न गुजरे।




