रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जिले में चल रहे पोषण पखवाड़े के तहत बाल विकास विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। शाहपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोरम, काकड़ा, उमरपुर और मुंडभर में सोमवार को पोषण पंचायत, बैठक, रैली और पोषण कॉर्नर लगाकर महिलाओं, अभिभावकों और ग्रामीणों को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक किया गया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी शाहपुर के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य सेविकाओं श्रीमती गीता और कुमारी साक्षी ने सहभागिता की। इस दौरान गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म के बाद पहले 1000 दिनों को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय बताते हुए संतुलित आहार, नियमित देखभाल और सही पालन-पोषण की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि जीवन के शुरुआती वर्षों में मस्तिष्क का तेजी से विकास होता है, इसलिए बच्चों को सही पोषण, सुरक्षित वातावरण और समय पर देखभाल मिलना बेहद जरूरी है। साथ ही ECCE शिक्षा यानी प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में बच्चों के बढ़ते स्क्रीनटाइम को चिंता का विषय बताते हुए अभिभावकों से मोबाइल और टीवी की आदत सीमित करने की अपील की गई। कहा गया कि बच्चों को खेल, संवाद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना उनके मानसिक विकास के लिए अधिक लाभकारी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में निकाली गई रैलियों और लगाए गए पोषण कॉर्नरों के माध्यम से लोगों को कुपोषण से बचाव, स्वच्छता, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया। विभागीय इस पहल को ग्रामीणों ने सराहा और अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।

