कॉलेज मैनेजर ने महिला टीचर पर लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, 5 साल में 14 लाख वसूली का दावा; FIR दर्ज

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पीड़ित का दावा है कि 5 साल में 14 लाख रुपये वसूले गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी

रिपोर्ट – सन्दीप वर्मा

बाराबंकी। जिले की तहसील हैदरगढ के असंद्रा कोतवाली क्षेत्र से ब्लैकमेलिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक स्नातकोत्तर डिग्री कॉलेज के मैनेजर ने अपनी ही महिला टीचर और उसके कथित प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ित मैनेजर का दावा है कि पिछले कई वर्षों से उन्हें धमकाकर लाखों रुपये वसूले गए हैं।

महिला टीचर पर प्रेम जाल में फंसाने और ब्लैकमेल करने का आरोप
राम खेलावन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मैनेजर आलोक पांडेय ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कॉलेज में कार्यरत एक महिला टीचर ने पहले उन्हें अपने प्रेम जाल में फंसाने की कोशिश की।

आरोप है कि जब वह इसमें सफल नहीं हुई तो उसने कथित संबंधों का हवाला देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
मैनेजर के मुताबिक उनकी जानकारी के बिना कुछ तस्वीरें और वीडियो भी बनाए गए, जिनके आधार पर उन्हें धमकाया गया।

कथित प्रेमी के साथ मिलकर 14 लाख रुपये वसूले
शिकायत के अनुसार, महिला टीचर ने अपने कथित प्रेमी आशीष गुप्ता (निवासी जैदपुर) के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग की साजिश रची।

पीड़ित का आरोप है कि दोनों ने मिलकर पिछले करीब 3 वर्षों में उनसे 14 लाख 39 हजार रुपये से अधिक की रकम वसूल ली।

यह रकम कॉलेज के बैंक खाते से महिला टीचर के खाते में ट्रांसफर की गई।

फिर से मांगी गई रकम, न देने पर दी धमकी
पीड़ित के अनुसार 8 अप्रैल को आरोपियों ने उनसे दो लाख रुपये की और मांग की।

उन्होंने 10 हजार रुपये नकद दिए, लेकिन इसके बाद भी 1.90 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई।

आरोप है कि पैसे न देने पर…

तस्वीरें और वीडियो वायरल करने…
झूठा दुष्कर्म (रेप) का मुकदमा दर्ज कराने
की धमकी दी गई।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
मैनेजर आलोक पांडेय की शिकायत के आधार पर असंद्रा थाने में महिला टीचर और उसके कथित प्रेमी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(6) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

कई सवाल खड़े करता मामला…
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है—

क्या वाकई ब्लैकमेलिंग के जरिए रकम वसूली गई?
क्या आरोपी लंबे समय से सुनियोजित तरीके से इस काम को अंजाम दे रहे थे?
जांच में और कौन-कौन से तथ्य सामने आएंगे?

इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे  ।

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